भारतीय दण्ड संहिता अध्याय 10

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भारतीय दण्ड संहिता भारत के अन्दर भारत के किसी भी नागरिक द्वारा किये गये कुछ अपराध की परिभाषा व  का प्रावधान करती है। किन्तु यह संहिता  पर लागू नहीं होती।अनुच्छेद 370 हटने के बाद में भी अब भारतीय दण्ड संहिता (IPC) लागू है।

भारतीय दण्ड संहिता ब्रिटिश काल में सन् 1860 में लागू हुई। इसके बाद इसमे समय-समय पर संशोधन होते रहे (विशेषकर  होने के बाद)। औरने भी भारतीय दण्ड संहिता को ही लागू किया। लगभग इसी रूप में यह विधान तत्कालीन अन्य ब्रिटिश आदि) में भी लागू की गयी थी। लेकिन इसमें अब तक बहुत से संशोधन किये जा चुके है।

लोकसेवकों के विधिपूर्ण प्राधिकार के विरुद्ध अवमानना

  • धारा १७२ समनों की तामील या अन्य कार्यवाही से बचने के लिए फरार हो जाना
  • धारा १७३ समन की तामील का या अन्य कार्यवाही का या उसके प्रकाशन का निवारण करना।
  • धारा १७४ लोक सेवक का आदेश न मानकर गैर-हाजिर रहना
  • धारा १७५ दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख पेश करने के लिए वैध रूप से आबद्ध व्यक्ति का लोक सेवक को १[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] पेश करने का लोप
  • धारा १७६ सूचना या इत्तिला देने के लिए कानूनी तौर पर आबद्ध व्यक्ति द्वारा लोक सेवक को सूचना या इत्तिला देने का लोप।
  • धारा १७७ झूठी सूचना देना।
  • धारा १७८ शपथ या प्रतिज्ञान से इंकार करना, जबकि लोक सेवक द्वारा वह वैसा करने के लिए सम्यक् रूप से अपेक्षित किया जाए
  • धारा १७९ प्रश्न करने के लिए प्राधिकॄत लोक सेवक को उत्तर देने से इंकार करना।
  • धारा १८० कथन पर हस्ताक्षर करने से इंकार
  • धारा १८१ शपथ दिलाने या अभिपुष्टि कराने के लिए प्राधिकॄत लोक सेवक के, या व्यक्ति के समक्ष शपथ या अभिपुष्टि पर झूठा बयान।
  • धारा १८२ लोक सेवक को अपनी विधिपूर्ण शक्ति का उपयोग दूसरे व्यक्ति की क्षति करने के आशय से झूठी सूचना देना
  • धारा १८३ लोक सेवक के विधिपूर्ण प्राधिकार द्वारा संपत्ति लिए जाने का प्रतिरोध
  • धारा १८४ लोक सेवक के प्राधिकार द्वारा विक्रय के लिए प्रस्थापित की गई संपत्ति के विक्रय में बाधा डालना।
  • धारा १८५ लोक सेवक के प्राधिकार द्वारा विक्रय के लिए प्रस्थापित की गई संपत्ति का अवैध क्रय या उसके लिए अवैध बोली लगाना।
  • धारा १८६ लोक सेवक के लोक कॄत्यों के निर्वहन में बाधा डालना।
  • धारा १८७ लोक सेवक की सहायता करने का लोप, जबकि सहायता देने के लिए विधि द्वारा आबद्ध हो
  • धारा १८८ लोक सेवक द्वारा विधिवत रूप से प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा।
  • धारा १८९ लोक सेवक को क्षति करने की धमकी
  • धारा १९० लोक सेवक से संरक्षा के लिए आवेदन करने से रोकने हेतु किसी व्यक्ति को उत्प्रेरित करने के लिए क्षति की धमकी।
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Geography Quiz set 159 For All Goverment Exam's

Geography Quiz set 159 For All Goverment Exam's

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जम्मू-कश्मीर में स्थित निम्नलिखित पर्वत श्रेणियों का पूर्व से पश्चिम की और क्रम होगा _ 1. जास्कर श्रेणी 2. पीरपंजाल श्रेणी 3. काराकोरम श्रेणी 4. लद्दाख श्रेणी
The order of the following mountain ranges located in Jammu and Kashmir from east to west will be _ 1. Zaskar Range 2. Pir Panjal Range 3. Karakoram Range 4. Ladakh Range

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भारत की सर्वोच्च पर्वत श्रेणी कौन - सी है ?
Which is the highest mountain range of India?

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कुल्लू घाटी निम्नलिखित पर्वत श्रेणियों के बीच अवस्थित है -
Kullu Valley is situated between the following mountain ranges -

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उत्तराखंड का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है -
The highest mountain peak of Uttarakhand is-

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शिवालिक श्रेणी का निर्माण हुआ
Shivalik range was formed

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हिमालय का दूसरा सबसे उंचा पर्वत शिखर कंचनजंघा भारत के किस राज्य में स्थित है ?
Kangchenjunga, the second highest mountain peak of the Himalayas, is located in which state of India?

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निम्नलिखित में से सबसे प्राचीन पर्वत श्रेणी कौन - सी है ?
Which of the following is the oldest mountain range?

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भारत में निम्नलिखित में से कौन - सी पर्वत श्रेणी केवल एक राज्य में फैली हुई है ?
Which of the following mountain ranges is spread over only one state in India?

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भारत में सबसे प्राचीन वलित पर्वतमाला कौन - सी है ?
Which is the oldest fold range in India?

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अरावली पर्वत का सर्वोच्च शिखर क्या कहलाता है ?
What is the highest peak of the Aravalli mountain called?

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