भारत में परमाणु हमले का निर्णय कौन लेता है?

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Nuclear Button or Nuclear Command in India: भारत एक परमाणु संपन्न देश है और इसके पड़ोसी देश भी परमाणु संपन्न हैं.चीन और पाकिस्तान के साथ भारत के रिश्ते कभी भी बहुत सहज नहीं रहे हैं.पाकिस्तान के गैर जिम्मेदार नेता भारत को परमाणु हमले की धमकी देते रहते हैं.ऐसे में यह जानना समय की आवश्यकता है कि भारत में परमाणु हमले की कमांड किसके पास रहती है?

उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच परमाणु बटन की धमकियों से इस प्रश्न का जन्म हुआ कि क्या भारत के प्रधानमन्त्री की टेबल पर भी परमाणु बटन होता है और क्या परमाणु हमला सिर्फ चुटकी बजाते ही किया जा सकता है?

आइये इस लेख में जानते हैं कि परमाणु हमले के लिए किस प्रकार की प्रक्रिया अपनायी जाती है और इसमें कितना समय लगता है.

परमाणु मामलों के विशषज्ञों के अनुसार, प्रधानमंत्री की टेबल पर ऐसा कोई बटन परमाणु बटन नही होता है जिसे दबाकर किसी भी देश पर परमाणु हमला किया जा सके. लेकिन प्रधानमन्त्री के पास एक स्मार्ट कोड जरूर होता है जिसके बिना परमाणु बम को छोड़ा नही जा सकता है.

यहाँ पर यह बताना जरूरी है कि किसी देश पर परमाणु हमले के लिए एक पूरा प्रोसीजर होता है. ऐसा बिलकुल नही है कि प्रधानमन्त्री ने कहा कि किसी देश पर परमाणु हमला कर दो और वैज्ञानिकों ने तुरंत हमला कर दिया.

परमाणु हमले का आदेश कौन दे सकता है (Who has Nuclear Command in India)?
जैसा कि ऊपर बताया गया है कि परमाणु बम छोड़ने के लिए प्रधानमन्त्री के पास सिर्फ एक स्मार्ट कोड होता है. परमाणु बम को दागने का असली बटन तो परमाणु कमांड की सबसे निचली कड़ी या टीम के पास होता है जिसे वाकई में यह मिसाइल दागनी होती है.

यह भी सच है कि भारत में परमाणु हमला करने के निर्णय सिर्फ प्रधानमन्त्री के पास होता है. हालाँकि प्रधानमन्त्री  अकेले निर्णय नही ले सकता है, उसे परिस्थितियों के अनुसार अपनी सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, चेयरमैन ऑफ़ चीफ ऑफ़ स्टाफ कमेटी से राय लेकर ही परमाणु हमला करने का निर्णय ले सकता है.

परमाणु हमला करने की पूरी प्रक्रिया क्या है? (Process of Nuclear Attack in India)

चरण 1. परमाणु ब्रीफकेस
प्रधानमन्त्री के साथ हमेशा एक सिक्यूरिटी गार्ड चलता है जिसके पास एक ब्रीफकेस जैसा बॉक्स होता है इसे परमाणु ब्रीफकेस कहा जाता है. इसका वजन लगभग 20 किलो होता है. इसमें कंप्यूटर और रेडियो ट्रांसमिशन उपकरण आदि सामान होता है और यह बुलेट प्रूफ भी होता है. इस ब्रीफकेस में उन ठिकानों की जानकारी भी होती हैं जहाँ पर परमाणु हमला करना होता है. अभी तक लगभग 5000 ठिकानों की पहचान की जा चुकी है और समय-समय पर इनकी समीक्षा करके इसमें नए ठिकानों को जोड़ा जाता है.

nuclear briefcase modi
चरण 2. स्मार्ट कोड
प्रधानमंत्री के पास एक स्मार्ट कोड होता है. यह कोड परमाणु हमला करने के लिए वेरिफिकेशन कोड के रूप में परमाणु कमांड को भेजा जाता है. भारत में प्रधानमन्त्री के पास यह अधिकार होता है कि वह इस कोड का नाम अपने मन मुताबिक रख सके.

चरण 3. दो अन्य सेफ कोड
प्रधानमन्त्री के स्मार्ट कोड के अलावा दो अन्य कोड होते हैं, जो कि लॉकर में बंद होते हैं और ये कहाँ रखे हैं इन्हें हर कोई नही जानता है. सेना में परमाणु बैटरी यूनिट वायुसेना के कमांडिंग ऑफिसर से साथ दो अन्य अधिकारी होते हैं इनके पास अलग – अलग  लॉकर होते हैं. इन्हें सेफ कोड कहते हैं. ये सेफ कहाँ रखे गए हैं इसका पता सिर्फ कुछ अफसरों को ही होता है. इन सेफ़ों को रखने की जगह को समय समय पर बदल दिया जाता है.

चरण 4. मैच कोड या परमाणु हमले की तैयारी
प्रधानमन्त्री का स्मार्ट कोड मिलने के बाद कमांडिंग ऑफिसर दोनों साथी अधिकारियों को यह कोड बताता है जो अपने-अपने सेफ कोड खोलकर उसका मिलान करते हैं. यदि तीनों कोड सही पाए जाते हैं तो परमाणु हमला कर दिया जाता है.
atom bomb explosion

क्या प्रधानमन्त्री का स्मार्ट कोड मिलने के बाद तुरंत हमला हो जाता है?
नही ऐसा नही होता है. क्योंकि हवाई हमले के लिए लड़ाकू विमान को तैयार करना या थल सेना बैटरियों और नौसेना द्वारा मिसाइलों को दागने की तैयारी में कुछ मिनट तक का समय लग सकता है.

देश का रक्षा अनुसन्धान एवं विकास संगठन (DRDO), पानी के भीतर परमाणु पनडुब्बी में नेटवर्क, परमाणु हमला करने के सक्षम वायुयानों और हवाई अड्डों पर कंप्यूटर और नेटवर्क से सम्बंधित पूरी जिम्मेदारी संभालता है.

उम्मीद है कि इस लेख को पढने के बाद अब आपको पता चल गया होगा कि किसी देश पर परमाणु हमला सिर्फ चुटकी बजाते नही किया जा सकता है. इसके लिए पूरी प्रक्रिया अपनाई जाती है, अधिकारियों के साथ सामंजस्य बैठाया जाता है और तकनीकी तैयारी भी करनी पड़ती है.

नोट: परमाणु हमलों से किसी भी समस्या का समाधान नहीं निकला है और ना निकलेगा. इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ रक्षा विशेषज्ञों के विचारों पर आधारित है. जरूरी नहीं है कि भारत में परमाणु हमले की पूरी प्रक्रिया ऐसी ही हो जैसी कि इस लेख में लिखी गयी है.

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ठगी प्रथा के उन्मूलन से संबद्ध गवर्नर जनरल थे
The governor general concerned with the abolition of thugs was

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वोडयार ... के शासक थे
Wodeyar was the ruler of...

3 / 10

टीपू सुल्तान की राजधानी थी
Tipu was the capital of the Sultan

4 / 10

क्लाइव को बंगाल का गवर्नर यनाया गया-
Clive was elected Governor of Benga

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भारत का प्रथम गवर्नर जनरल था
Was the first Governor General of India

6 / 10

द्वैध शासन नीति को किसने समाप्त किया था
Who ended the dual rule policy?

7 / 10

अंग्रेजों का सर्वाधिक विरोध किसने किया था?
Who opposed the British the most

8 / 10

प्लासी का युद्ध (1757 ई०) अत्यधिक ऐतिहासिक महत्त्व का था क्योंकि-
The Battle of Plassey (1757 AD) was of great historical significance because-

9 / 10

ब्रिटिश सरकार भारतीयों को आधुनिक शिक्षा देना चाहती थी, इसमें उनका उद्देश्य क्या था?
The British government wanted to give modern education to Indians, what was their purpose in this?

10 / 10

प्रशासनिक अव्यवस्था (कुशासन) के आधार पर डलहौजी ने किस राज्य को ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाया था ?
Which state was annexed by Dalhousie to the British Empire on the basis of misrule?

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