भारत में सेना दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

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Army Day 2021: भारतीय सेना की स्थापना 1 अप्रैल 1895 को अंग्रेजों द्वारा की गयी थी. भारतीय सेना की स्थापना 1 अप्रैल को हुई थी लेकिन भारत में सेना दिवस 15 जनवरी को मनाया जाता है. आइये इसके पीछे का कारण जानते हैं.

Army Day 2021: भारत में सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है. ग्लोबल फायर पावर इंडेक्स 2017 के अनुसार, भारत की सेना को दुनिया की चौथी सबसे मजबूत सेना माना जाता है. इस पॉवर इंडेक्स के अनुसार भारत से बेहतर सेना केवल; अमेरिका, रूस और चीन के पास है. भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान को इस सूची में 13वां स्थान हासिल है.

भारतीय सेना की उत्पत्ति ईस्ट इंडिया कंपनी की सेनाओं से हुई थी जो कि आगे चलकर ‘ब्रिटिश भारतीय सेना’ कहलायी और अंततः स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रीय सेना बन गईं थी.

सेना दिवस के पीछे का इतिहास (History behind Army Day)

भारत को लगभग 200 वर्षों तक अंग्रेजी शासन की गुलामी के बाद 15 अगस्त 1947 को आजादी प्राप्त हुई थी. जब भारत स्वतंत्र हुआ, तो देश भर में अराजकता का माहौल था चारों तरफ दंगे-फसादों तथा शरणार्थियों के आवागमन के कारण उथल-पुथल का माहौल था.

इस कारण कई प्रशासनिक समस्याएं पैदा होने लगीं और फिर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना को आगे आना पड़ा ताकि विभाजन के दौरान शांति-व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके.

भारत की आजादी के बाद से 14 जनवरी 1949 तक भारतीय सेना की कमान अंग्रेज कमांडर जनरल रॉय फ्रांसिस बूचर के पास थी. अर्थात भारत की आजादी के बाद तक भारतीय सेना के अध्यक्ष ब्रिटिश मूल के ही हुआ करते थे.

अगस्त 15, 1947 को मिली आजादी के बाद भारत की सम्पूर्ण सत्ता भारतीयों के हाथों में सौंपने का समय था. इसलिए 15 जनवरी 1949 को फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय सेना प्रमुख बने थे. चूंकि यह मौका भारतीय सेना के लिए एक बहुत ही उल्लेखनीय था इसलिए भारत में हर साल इस दिन को सेना दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया और तब से अब तक यह परंपरा चली आ रही है.

image source:thehindu (के. एम. करिअप्पा)

अतः सेना की कमान भारत के हाथों में आने के कारण ही 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है.

यहाँ पर बता दें कि आजादी के समय भारतीय सेना में लगभग 2 लाख सैनिक थे और आज यह संख्या लगभग 13.5 लाख तक पहुँच गयी है.

सेना दिवस के दिन क्या-क्या कार्यक्रम होते हैं? (Programmes on Army Day )

यह दिन सैन्य परेडों, सैन्य प्रदर्शनियों व अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों के साथ नई दिल्ली व सभी सेना मुख्यालयों में मनाया जाता है. इस दिन उन सभी बहादुर सेनानियों को सलामी भी दी जाती है जिन्होंने कभी ना कभी अपने देश और लोगों की सलामती के लिये अपना सर्वोच्च न्योछावर कर दिया होता है.

सेना दिवस के उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष दिल्ली छावनी के करिअप्पा परेड ग्राउंड में परेड निकाली जाती है, जिसकी सलामी थल सेनाध्यक्ष लेते हैं. वर्ष 2018 में 70वां सेना दिवस मनाया गया था जिसमें परेड की सलामी जनरल बिपिन रावत ने ली थी. साल 2019 में भी 71वें सेना दिवस की परेड की सलामी जनरल बिपिन रावत ने ली थी..

vipin rawat army parade

image source:business standard

अतिरिक्त सूचना महानिदेशक, भारतीय सेना के एक ट्वीट के माध्यम से बताया गया है कि 2021 में 73वें सेना दिवस को चिह्नित करने के लिए, भारतीय सेना ने भारत की शानदार जीत के लिए स्वर्णिम विजय वर्श समारोह का आयोजन किया है. 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत के 50 साल पूरे होने पर 2021 को ‘स्वर्णिम विजय वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है.

फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा के बारे में

फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा का जन्म 1899 में कर्नाटक में हुआ था और उनके पिता कोडंडेरा एक राजस्व अधिकारी थे. के. एम. करिअप्पा का घर का नाम ‘चिम्मा’था. उन्होंने वर्ष 1947 में हुए भारत-पाक युद्ध में पश्चिमी सीमा पर भारतीय सेना का नेतृत्व भी किया था.

सैम मानेकशॉ भारत के पहले फील्ड मार्शल थे, और उन्हें जनवरी 1973 में यह पदवी प्रदान की गई थी. फील्ड मार्शल की पदवी पाने वाले दूसरे व्यक्ति थे ‘कोडंडेरा एम. करियप्पा’ जिन्हें यह पदवी 14 जनवरी 1986 को रैंक प्रदान की गई थी.

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(सैम मानेकशॉ)

ज्ञातव्य है कि फील्ड मार्शल की रैंक एक ‘फाइव स्टार’ रैंक है जो कि भारतीय सेना में सर्वोच्च प्राप्य रैंक है. फील्ड मार्शल की रैंक आर्मी चीफ ‘जनरल’ से ठीक ऊपर मानी जाती है. हालाँकि सेना में इस पदवी को सामान्य रूप से इस्तेमाल नहीं किया जाता है. अर्थात सैम मानेकशॉ और करियप्पा के बाद यह रैंक किसी भी भारतीय सेना प्रमुख को नहीं दी गयी है.

उम्मीद है कि इस को लेख में पढने के बाद आप समझ गए होंगे कि भारत में सेना दिवस 15 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है.

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Geography Quiz set 159 For All Goverment Exam's

Geography Quiz set 159 For All Goverment Exam's

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जम्मू-कश्मीर में स्थित निम्नलिखित पर्वत श्रेणियों का पूर्व से पश्चिम की और क्रम होगा _ 1. जास्कर श्रेणी 2. पीरपंजाल श्रेणी 3. काराकोरम श्रेणी 4. लद्दाख श्रेणी
The order of the following mountain ranges located in Jammu and Kashmir from east to west will be _ 1. Zaskar Range 2. Pir Panjal Range 3. Karakoram Range 4. Ladakh Range

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भारत की सर्वोच्च पर्वत श्रेणी कौन - सी है ?
Which is the highest mountain range of India?

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कुल्लू घाटी निम्नलिखित पर्वत श्रेणियों के बीच अवस्थित है -
Kullu Valley is situated between the following mountain ranges -

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उत्तराखंड का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है -
The highest mountain peak of Uttarakhand is-

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शिवालिक श्रेणी का निर्माण हुआ
Shivalik range was formed

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हिमालय का दूसरा सबसे उंचा पर्वत शिखर कंचनजंघा भारत के किस राज्य में स्थित है ?
Kangchenjunga, the second highest mountain peak of the Himalayas, is located in which state of India?

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निम्नलिखित में से सबसे प्राचीन पर्वत श्रेणी कौन - सी है ?
Which of the following is the oldest mountain range?

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भारत में निम्नलिखित में से कौन - सी पर्वत श्रेणी केवल एक राज्य में फैली हुई है ?
Which of the following mountain ranges is spread over only one state in India?

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भारत में सबसे प्राचीन वलित पर्वतमाला कौन - सी है ?
Which is the oldest fold range in India?

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अरावली पर्वत का सर्वोच्च शिखर क्या कहलाता है ?
What is the highest peak of the Aravalli mountain called?

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